Tuesday, March 3, 2020

रावतभाटा में बाइक सवार 2 युवकों समेत 4 को बस ने कुचला, सभी की मौके पर मौत

चित्तौड़गढ़. यहां रावतभाटा में तेज रफ्तार बस ने 4 युवकों को कुचल दिया। मौके पर ही चारों युवकों की मौत हो गई। जिसमें से 2 युवक बाइक पर सवार थे। वहीं 2 पैदल जा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने बस ड्राइवर को पकड़कर बस को जब्त कर लिया है। हादसा रावतभाटा के लोठियाना गांव के पास हुआ है।

हादसा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। 4 में से 3 युवक लठियाना गांव के रहने वाले थे। चारों मजदूरी करने के लिए मध्यप्रदेश के सिंगरौली जा रहे थे। रास्ते में नीमच से रावतभाटा जा रही बस ने चारों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक सवार दोनों उछलकर सड़क पर गिर गए। जिसके बाद बस बाइक सवार दोनों युवकों के साथ पैदल चल रहे 2 युवकों को भी कुचलते हुए निकल गई। 

इस दौरान बस बाइक को भी करीब 50 फीट तक घसीटते हुए साथ ले गई। शव काफी देर तक सड़क पर ही पड़े रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि हादसे में मांगीलाल (21), कालू (24), गोपाल (22) और एक अन्य युवक की मौत हुई है

मुआवजे की मांग पर ग्रामीणों ने लगाया जाम

घटना के आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में चित्तौड़गढ़ रावतभाटा मार्ग पर जाम लगा दिया। सभी मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान एसपी तृप्ति विजयवर्गीय पुलिज जाप्ते के साथ मौके पर लोगों को समझाने पहुंची। करीब पांच घंटे बाद जाम खुलवाया जा सका।

अलीगढ़. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में अलीगढ़ के पुरानी चुंगी गेट के बाहर 68 दिनों से चल रहा महिलाओं का धरना शनिवार को खत्म हो गया। उसके बाद से पुलिस उन इलाकों का दौरा कर रही है, जहां से आकर महिलाएं धरने में शामिल हो रही थीं। इस दौरान एक ऐसी सच्चाई सामने आई। यहां महिलाओं ने कहा- उनके पति खाने-पीने की लालच देकर धरने में भेजते थे। पुलिस वालों ने उन्हें दोबारा धरने में नहीं जाने की हिदायत दी है।

दरअसल, जिला प्रशासन को जानकारी मिली कि सिविल लाइंस और क्वार्सी थाना क्षेत्र में कुछ लोग महिलाओं और पुरुषों को अनूप शहर चुंगी पर धरने पर जाने के लिए उकसा रहे हैं। इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने नई पहल शुरू की। सोमवार को अपर सिटी मजिस्ट्रेट रंजीत सिंह और सीओ अनिल समानिया के नेतृत्व में टीम ने मोहल्लों में जाकर महिलाओं-पुरुषों को धरना-प्रदर्शन में नहीं जाने के लिए कहा।

पति बोले- धरने में न जाने के लिए समझाया, महिला बोली- यही भेजते थे

फिरदौस नगर में पुलिस ने एक घर दरवाजा खुलवाया तो एक बुजुर्ग बाहर आया। पुलिस ने उससे पूछा कि आपकी पत्नी रोजाना धरने में जाती हैं। बुजुर्ग ने कहा- इतना साहब समझाया, पर क्या करें। इसी बीच घर के भीतर से बाहर भागती हुई 65 वर्षीय सरवरी आई। उसने पुलिस को बताया कि उसके पति ही उसे लालच देकर धरने में भेजते थे। कहते थे कि शाहजमाल में धरना चल रहा है, वहां जाओ। महिला ने कहा- वह झूठ नहीं बोल रही है।

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